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*कविता बनी संवेदना की सशक्त आवाज़, प्रिल्यूड में 39 विद्यालयों के बाल कवियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से मोहा मन*

 *कविता बनी संवेदना की सशक्त आवाज़, प्रिल्यूड में 39 विद्यालयों के बाल कवियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से मोहा मन*



आगरा। आगरा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, विद्यार्थियों में निहित सृजनात्मक प्रतिभा को पहचानने, उसे मंच प्रदान करने तथा नई पीढ़ी में अभिव्यक्ति-कौशल, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना विकसित करने के उद्देश्य में अपने प्रारंभ से ही अनवरत प्रयासरत *प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, दयालबाग, आगरा में  प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले अंतर्विद्यालयी बाल कवि सम्मेलन का आयोजन 28 सितंबर, 2026* को किया गया।



आगरा के विभिन्न बोर्ड के 39 विद्यालयों से आए बाल कवियों ने स्वरचित कविताओं के माध्यम से समसामयिक सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं, राष्ट्रप्रेम, प्रकृति, बालमन एवं जीवन-मूल्यों को अभिव्यक्ति दी। आयोजन में प्रतिभागियों ने अपनी मौलिक रचनाओं और प्रभावशाली मंचीय प्रस्तुति से सभी को भाव-विभोर कर दिया।



कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं शासकीय कार्यक्रमों के राज्य निदेशक श्री प्रदीप कुमार पाठक जी* रहे। 


*प्रधानाचार्या जी ने* प्रतिभागी बाल कवियों को संबोधित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें निर्भीक होकर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।


तत्पश्चात कवि सम्मेलन की *समन्वयिका श्रीमती बबीता रानी ने* सभी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों एवं आवश्यक निर्देशों से अवगत कराया। 


तीन वर्गों में काव्य-पाठ का आयोजन अलग-अलग स्थलों पर किया गया।

बाल कवियों ने स्वरचित कविताओं के माध्यम से *देशप्रेम, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएँ, नारी सम्मान, बाल अधिकार, प्रकृति, परिवार, राष्ट्र एवं समसामयिक विषयों* को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। 


इस अवसर पर साहित्य, भाषा एवं शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित *निर्णायक मंडल प्रोफेसर युवराज सिंह 'युवा', डॉ. अनिता सिंह,  डॉ. नीलम यादव, श्रुति सिन्हा जी, डॉ. अरुण उपाध्याय, कुमार ललित जी, डॉ. निशीथ गौर, डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, ईशान देव जी* ने बाल कवियों के मौलिक लेखन, विषय-वस्तु, भावाभिव्यक्ति, उच्चारण, लय, स्वर, प्रस्तुति-कौशल एवं मंचीय प्रभाव के विभिन्न पक्षों को ध्यान में रखते हुए उनका मूल्यांकन किया। 


प्रतिभागियों एवं अतिथियों के स्वागत में *अनिका यादव* द्वारा दी गई मनमोहक नृत्य प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उल्लास एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।


इसके उपरांत प्रत्येक वर्ग से पाँच-पाँच श्रेष्ठ बाल कवियों व कवियत्रियों को स्मृति-चिह्न एवं सम्मान पत्र प्रदान किया गया तथा समस्त प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया


 *श्रेष्ठ बाल कवि/कवियत्री*


 *काव्य कली समूह* 

1. अन्वेषा शर्मा– गायत्री पब्लिक स्कूल यूनिट-I

2. भविषा– सेंट थॉमस स्कूल

3. अंशिका दुबे –बी. डी. कॉन्वेंट सी. सै. स्कूल शास्त्रीपुरम

4. जाह्नवी भारद्वाज– कर्नल्स ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल

5. आध्या शर्मा– सुमित राहुल सी. सै. स्कूल


*कवितांश समूह*

1. तानिया बंसल– सनफ्लावर पब्लिक स्कूल

2. आर्य गोयल– गायत्री पब्लिक स्कूल यूनिट-I

3. आराध्या राठौर– सिम्बोजिया वर्ल्ड स्कूल

4. हर्ष प्रताप यादव– आगरा पब्लिक स्कूल

5. अनिका शर्मा– जी. आई. ग्लोबल स्कूल


*सृजन सरिता समूह*

1. रुद्राक्षी चंद्रा– शिवालिक पब्लिक स्कूल

2. स्वाति सिंह– सचदेवा मिलेनियम स्कूल

3. वैष्णवी शर्मा– शिवालिक कैंब्रिज कॉलेज

4. प्रतीक्षा शर्मा– सिंबाॅयजिया वर्ल्ड स्कूल

5. पल्लवी तिवारी– ऑल सेंट्स स्कूल, कहरई


*मुख्य अतिथि ने* कहा कि उचित अवसर प्रोत्साहन और मंच मिलने पर सही प्रतिभा भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने प्रतिभागियों को साहित्य के प्रति रुचि बनाए रखने तथा निरंतर पढ़ने सोने और सृजन करने के लिए प्रेरित किया।


 *निर्णायक मंडल ने* कहा कि बाल कवियों की प्रस्तुतियों में विषय-विविधता, भावों की सहज अभिव्यक्ति और भाषा की सुंदरता का प्रभावशाली समन्वय देखने को मिला।


विद्यालय *निदेशक महोदय डॉ.  सुशील गुप्ता* ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक बालक के भीतर सृजन की एक अनूठी क्षमता होती है। उचित अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिलने पर यही प्रतिभा भविष्य में समाज एवं राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। 


कार्यक्रम का *संचालन विद्यालय की अनन्या वर्मा, नितान्या अरोड़ा व कैफ़ शम्सी* ने अत्यंत प्रभावशाली रूप से किया।

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