साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए डिजिटल जागरूकता आवश्यक: ध्रुव खन्ना
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में साइबर सुरक्षा पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विशेष व्याख्यान
आगरा। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट (डीम्ड विश्वविद्यालय), आगरा में सतर्कता जागरूकता सप्ताह (26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026) के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने गुरुवार को ‘आईटी एवं साइबर सुरक्षा तथा साइबर हाइजीन’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन स्कूल ऑफ एजुकेशन के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रोहित राजवंशी ने किया। मुख्य वक्ता ध्रुव खन्ना ने साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए फर्जी ई-मेल, फिशिंग, संदिग्ध लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, ऑनलाइन बैंकिंग एवं यूपीआई से जुड़े जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतना तथा पासवर्ड, पिन और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।
श्री खन्ना ने शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं दैनिक जीवन में साइबर सुरक्षा के महत्त्व को रेखांकित करते हुए मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन तथा डिजिटल सूचनाओं के सत्यापन पर जोर दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीपफेक, फर्जी वीडियो एवं भ्रामक सूचनाओं से उत्पन्न चुनौतियों के प्रति भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. के. शांति स्वरूप, विभागाध्यक्ष मैनेजमेंट ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्कूल ऑफ एजुकेशन के डीन प्रो. चंदेल, प्रो. नंदिता सत्संगी एवं डॉ. नाहर सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन में एनएसएस समन्वयक डॉ. सनिल कुमार के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. ईश्वर स्वरूप सहाय, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रजनीश कुमार मीणा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गोपाल कृष्ण परिहार एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोनिका तिवारी की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम में समाज विज्ञान संकाय, स्कूल ऑफ एजुकेशन एवं अन्य संकायों के शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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