google.com, pub-6037649116484233, DIRECT, f08c47fec0942fa0 महावीर भवन में राष्ट्र संत अमर मुनि की 124वीं जन्म जयंती धूमधाम से मनाई गई

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महावीर भवन में राष्ट्र संत अमर मुनि की 124वीं जन्म जयंती धूमधाम से मनाई गई

 महावीर भवन में राष्ट्र संत अमर मुनि की 124वीं जन्म जयंती धूमधाम से मनाई गई



संत अनुपम मुनि ने बताया प्रखर वक्ता और प्रौढ़ चिंतक; तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दी थी 'राष्ट्र संत' की उपाधि


आगरा। न्यू राजा की मंडी कॉलोनी स्थित महावीर भवन में सोमवार को राष्ट्र संत कवि अमर मुनि जी की 124वीं जन्म जयंती श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुदेव के चित्र पर सूत्रांजलि अर्पित कर नमन किया। समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सबधर्म दिवाकर, लोकमान्य संत अनुपम मुनि जी ने कहा कि राष्ट्र संत कवि अमर मुनि जी एक प्रौढ़ चिंतक, आगम ज्ञाता और प्रखर वक्ता थे। उनके द्वारा लिखित साहित्यिक पुस्तकों में एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट संकलन हैं, जिनमें 'मन का मानव' उनकी कालजयी रचना है। उन्होंने इतिहास का स्मरण कराते हुए बताया कि 17 मार्च 1970 को दिल्ली में आयोजित उनके स्वर्ण दीक्षा दिवस समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उन्हें 'राष्ट्र संत' की उपाधि से अलंकृत किया था और उनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'चिंतन की मनोभूमि' का विमोचन भी किया था।

*गुरुदेव के विचार ही हमारी सांसों की गति: संदेश जैन*

कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए समाजसेवी संदेश जैन ने कहा कि पूज्य गुरुदेव के श्री चरणों में वंदन करते हुए हम यही संकल्प लेते हैं कि उनके विचारों का प्रचार-प्रसार ही हमारी सांसों की गति बने। हमारा सर्वस्व उनके चरणों में समर्पित है और उनकी भक्ति ही हमारी शक्ति है। उन्होंने आगरा वासियों पर गुरुदेव के आशीर्वाद की निरंतर कामना की। समारोह में गीता जैन, सुशील जैन, प्रीति गादिया, संगीता सकलेचा, संजीव सुराना, हैप्पी जैन और सुरेश जैन सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान जैन समाज के प्रमुख लोगों में ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, महामंत्री राजेश सकलेचा, रंजीत सुराना, सुलेखा सुराना, सुमित्रा सुराना, अनिल सकलेचा, आदेश बुरड़, सुरेश जैन, अशोक जैन आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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