परशुराम दल का ऐलान: 15 नवंबर से आगरा से दिल्ली 'सर्वण महा पदयात्रा'
यूजीसी, आरक्षण व एससी/एसटी काले कानून को समाप्त करने की रखेंगे मांग: सत्येंद्र लवानियां
आगरा। रजिस्टर्ड राष्ट्रीय क्रांतिकारी ब्राह्मण संगठन 'परशुराम दल' ने जातिगत आरक्षण, यूजीसी के नियमों में विसंगतियों और एससी/एसटी अधिनियम के कथित दुरुपयोग के खिलाफ एक बार फिर बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन द्वारा आगामी 15 नवंबर 2026 से ताजनगरी आगरा से देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए एक विशाल 'सवर्ण महा पदयात्रा' की शुरुआत की जा रही है। परशुराम दल उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह-संयोजक सत्येंद्र लवानियां ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस नए आंदोलन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह महा पदयात्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा के कुशल नेतृत्व में निकाली जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और अधिकार दिलाना है।
*इन प्रमुख मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई:*
सत्येंद्र लवानियां ने स्पष्ट किया कि संगठन इस यात्रा के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार के सामने मजबूती से अपनी मांगें रखेगा:-
1- जातिगत आरक्षण की समाप्ति: योग्यता को दरकिनार करने वाली अन्यायपूर्ण आरक्षण व्यवस्था को तुरंत बंद किया जाए।
2- यूजीसी नियमों में सुधार: शिक्षा व्यवस्था और नियुक्तियों में सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा हो।
3- एससी/एसटी काले कानून का खात्मा: निर्दोषों को फंसाने वाले एससी/एसटी एक्ट के प्रावधानों को समाप्त किया जाए।
*आगरा से दिल्ली तक जुटेगा सवर्ण समाज:*
इस महा पदयात्रा को सफल बनाने के लिए संगठन के पदाधिकारी पूरी ताकत से जुट गए हैं। परशुराम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा, प्रदेश सह-संयोजक सत्येंद्र लवानियां, जिलाध्यक्ष पं. श्यामसुंदर शर्मा और महानगर अध्यक्ष आशीष तिवारी (एडवोकेट) ने संयुक्त रूप से सवर्ण समाज से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। प्रदेश सह-संयोजक सत्येंद्र लवानियां ने बताया कि यात्रा के मार्ग में जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की अपील की जा रही है। परशुराम दल के पदाधिकारियों ने 'आरक्षण हटाओ, देश बचाओ' का नारा बुलंद करते हुए कहा कि सवर्ण समाज अब इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगा और लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाएगा।

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