google.com, pub-6037649116484233, DIRECT, f08c47fec0942fa0 श्री रामलीला महोत्सव: “भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन

Advertisement

Ad


 



https://www.effectivegatecpm.com/q2tv7gwrg?key=e8b5e8428d9526a2e8164b7c0d00476c

Breaking News
Loading...

श्री रामलीला महोत्सव: “भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन

श्री रामलीला महोत्सव:  “भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन



जगमगाते हाइड्रोलिक रथ पर दिखी लंकापति की भव्यता, कुंभकरण की विशालता और मेघनाद के पराक्रम ने मोहा मन


रावण की हंसी, कुंभकरण की विशालता और मेघनाद का पराक्रम देख अपलक रहे बच्चे


149वें रामलीला महोत्सव में गूंजा लंकापति का अट्टहास, रामबरात मार्ग पर देर तक छाई रही रावण की धूम



आगरा। आगरा मंगलवार की शाम ऐतिहासिक आगरा की गलियां उस समय लंका के वैभव और रौद्रता से जीवंत हो उठीं, जब श्री रामलीला कमेटी के 149वें रामलीला महोत्सव के अंतर्गत लंकापति महाराज रावण की भव्य शोभायात्रा निकली। हाइड्रोलिक जगमगाते अश्व रथ पर सवार दशानन ने तलवार लहराकर अपने सम्राट होने की दुहाई दी तो रावण की सेना, ताड़का, साधुओं की कैद, कुंभकरण की विशालता और मेघनाद के पराक्रम की झांकियों ने लोगों का ध्यान खींच लिया। रावतपाड़ा से लेकर शहर के प्रमुख बाजारों तक रावण की शाही सवारी देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे लंका की सेना और दशानन के विभिन्न रूपों को अपलक निहारते रहे।

दशानन की शोभायात्रा का शुभारंभ श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने किया। 

श्री रामलीला कमेटी अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है, ताकि बच्चों और युवा पीढ़ी का जुड़ाव रामलीला से और गहरा हो। कमेटी का प्रयास है कि रामलीला महोत्सव की धार्मिक गरिमा और ऐतिहासिक परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए प्रत्येक आयोजन को श्रद्धा, भव्यता और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाए।


दो ऊंटों के साथ निकली लंका की सेना

रावतपाड़ा तिराहे से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। सबसे आगे दो ऊंट चल रहे थे। इनके पीछे ताड़का की सवारी थी। विशाल और भयावह स्वरूप में सजी ताड़का की सवारी ने लोगों का ध्यान खींचा। इसके पीछे जेल की झांकी थी, जिसमें साधुओं को बंद दिखाया गया था। झांकी के माध्यम से रावण के अत्याचार और साधु-संतों पर किए गए उत्पीड़न का प्रभावशाली चित्रण किया गया।

इसी सवारी पर दशानन की दो तोपें सजी थीं। तोपों से गोले फेंकने का प्रदर्शन किया गया, जिसने शोभायात्रा में युद्ध जैसा रोमांच भर दिया।


कुंभकरण की विशालता ने चौंकाया

जेल की झांकी के बाद रावण के सेनापतियों की झांकी चल रही थी। इसके पीछे कुंभकरण की विशाल झांकी थी। कुंभकरण का विराट स्वरूप देखते ही बन रहा था। उसके आगे आगरा का प्रमुख सुधीर बैंड अपनी मधुर स्वर लहरियों से वातावरण में उत्साह भर रहा था।


मेघनाद के रथ पर दिखा योद्धा का पराक्रम

कुंभकरण की झांकी के पीछे रावण के सबसे ताकतवर योद्धा और पुत्र मेघनाद (इंद्रजीत) का सुसज्जित रथ था। मेघनाद के रथ की भव्य सजावट और योद्धा स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। युवराज इंद्रजीत के रथ के आगे मिलन बैंड अपनी मधुर धुनों के साथ चल रहा था।


हाइड्रोलिक रथ पर जगमगाया दशानन

शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण अंत में चल रहा स्वयं महाराज दशानन का सुसज्जित और जगमगाता अश्व रथ रहा। हाइड्रोलिक रथ पर सवार रावण का विशाल स्वरूप दूर से ही लोगों को आकर्षित कर रहा था। रथ पर खड़े होकर दशानन ने दोनों हाथों से तलवार चलाकर युद्ध कौशल का मनमोहक प्रदर्शन किया। तलवार हवा में लहराते ही दर्शकों की निगाहें रावण पर टिक जातीं।

दशानन का भव्य श्रृंगार, रौद्र रूप, अट्टहास और जगमगाते रथ की रोशनी शोभायात्रा की भव्यता को और बढ़ा रही थी। रावण की शाही सवारी के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।


रावण की सेना देख हैरान रहे बच्चे

मंगलवार होने के कारण रावतपाड़ा और आसपास के बाजारों में अत्यधिक भीड़ रही। लंका की सेना को देखकर छोटे बच्चे हैरान नजर आए और बिना पलक झपकाए रावण की सेना के प्रदर्शन को देखते रहे। रावण का विशाल स्वरूप, उसकी अट्टहास भरी मुद्रा, कुंभकरण की विशालता, मेघनाद का पराक्रम और ताड़का का स्वरूप बच्चों के लिए खास आकर्षण रहा।

शोभायात्रा में सुधीर और मिलन बैंड के साथ आगरा के प्रमुख मोहन एवं सुदित बैंड भी अपनी मधुर स्वर लहरियां बिखेरते हुए चल रहे थे। बैंड की धुनों और झांकियों के साथ पूरा वातावरण उत्सवी और भक्तिमय बना रहा।


शहर के प्रमुख बाजारों से होकर गुजरी शोभायात्रा

महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि शोभायात्रा रावतपाड़ा तिराहे से शुरू होकर जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी नंबर-1 व 2, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धूलियागंज, घटिया, फुलट्टी बाजार, किनारी बाजार और कसेरट बाजार होती हुई पुनः रावतपाड़ा पहुंचकर संपन्न हुई।

मार्ग में जगह-जगह निवासियों और व्यापारियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। रावतपाड़ा में भक्तों ने दशानन को माला पहनाई और पुष्पवर्षा की। पूरे मार्ग में शोभायात्रा के साथ भक्तिमय एवं उत्सवी वातावरण बना रहा।



कल मंच पर होगा नारद मोह और विश्वमोहिनी लीला का मंचन

श्री रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि बुधवार, 30 सितंबर को शाम 6:30 बजे मंचीय लीला का उद्घाटन रामलीला मैदान पर होगा। इसमें नारद मोह और विश्वमोहिनी लीला का मंचन किया जाएगा।


ये रहे उपस्थित

शोभायात्रा में श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचंद, विजय गोयल, मुकेश जौहरी, संजय तिवारी, प्रवीण स्वरूप, अंजुल बंसल, राहुल गौतम, राम राहुल, पार्षद अनुज शर्मा, अनुराग चतुर्वेदी, रमांशु शर्मा, अजय अग्रवाल, संजय गोयल, प्रकाश चंद, महेश चंद, गिरिधर शरण, दिलीप, अरविंद लखानी, शैलेश, प्रसून मंगल, शैलेश ऋषि, राम अभिषेक, राम आशीष, राघव शर्मा आदि उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ