google.com, pub-6037649116484233, DIRECT, f08c47fec0942fa0 क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम में श्रद्धापूर्वक मनाई गई गांधी-शास्त्री जयंती, 'सूत यज्ञ' कर बापू को किया नमन

Ad


 



https://www.effectivegatecpm.com/q2tv7gwrg?key=e8b5e8428d9526a2e8164b7c0d00476c

Breaking News
Loading...

क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम में श्रद्धापूर्वक मनाई गई गांधी-शास्त्री जयंती, 'सूत यज्ञ' कर बापू को किया नमन

 क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम में श्रद्धापूर्वक मनाई गई गांधी-शास्त्री जयंती, 'सूत यज्ञ' कर बापू को किया नमन



सामूहिक प्रार्थना और मंत्रोच्चार से गूंजा आश्रम प्रांगण, मंत्री शंभूनाथ चौबे ने चरखे से सूत कातकर दी श्रद्धांजलि


आगरा। महानगर के क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के प्रांगण में 2 अक्टूबर शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पावन जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामयी ढंग से मनाई गई। इस विशेष अवसर पर आश्रम से जुड़े पदाधिकारियों, खादी प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने दोनों महान विभूतियों के देश के प्रति अप्रतिम योगदान को याद करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के मंत्री शंभूनाथ चौबे द्वारा किया गया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और 'जय जवान, जय किसान' का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर पूरे विधि-विधान से माल्यार्पण किया। माल्यार्पण के पश्चात आश्रम के प्रांगण में बापू की प्रिय प्रातः कालीन प्रार्थना का सामूहिक पाठ किया गया। इस दौरान पूरा परिसर 'ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं...', 'पूर्ण से निष्पन्न होता पूर्ण है, पूर्ण में से पूर्ण को यदि ले निकाल, शेष तब भी पूर्ण ही रहता सदा। ॐ शांति शांति शांति...' के दिव्य और शांतिप्रिय श्लोकों तथा मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। इसके बाद, गांधीवादी परंपरा का निर्वहन करते हुए 'सूत यज्ञ' का आयोजन किया गया। मंत्री शंभूनाथ चौबे सहित उपस्थित सभी लोगों ने पारंपरिक चरखे पर बैठकर सूत काता और सूत की आहुति देकर अनूठे ढंग से बापू को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान खादी और स्वावलंबन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। इस भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम में मुख्य रूप से आनंदलाल शर्मा, दशरथ यादव, राम मधुर सिंह, रमाकांत राय, उमेश धर दुबे, अभय, हौसला सिंह, रामयज्ञ, हरेंद्रपाल, महेंद्र, फुल मोहम्मद, शिववचन, बलराम, गंगाराम यादव, राममूर्त, महीपाल, कपिल आदि लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी उपस्थित जनों ने महापुरुषों के बताए सत्य, अहिंसा और सादगी के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ