आज से ‘मीट एट आगरा’: एक छत के नीचे जुटेगा फुटवियर उद्योग
• 18वें अंतर्राष्ट्रीय फेयर के लिए सजकर तैयार हुआ आगरा ट्रेड सेंटर
• शनिवार, 3 अक्टूबर से शुरू होगा आयोजन; 5 अक्टूबर तक चलेगा फेयर
आगरा। फुटवियर उद्योग के कारोबारियों, निर्माताओं, निर्यातकों और तकनीक प्रदाताओं की मेजबानी के लिए आगरा तैयार है। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय फेयर ‘मीट एट आगरा’ का 18वां संस्करण 3, 4 एवं 5 अक्टूबर 2026 को सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित होगा। फेयर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। शुक्रवार को आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में फेयर की विशेषताओं, कार्यक्रमों और फुटवियर उद्योग के लिए इसकी उपयोगिता की जानकारी दी गई। कारोबार, तकनीक और वैश्विक साझेदारी का मंच
एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि ‘मीट एट आगरा’ फुटवियर उद्योग की जरूरतों को एक छत के नीचे लाने वाला महत्वपूर्ण मंच है। यहां कारोबारियों को नए कंपोनेंट्स, मटीरियल्स, मशीनरी, तकनीक और इंडस्ट्रियल सपोर्ट सिस्टम्स के बारे में जानने तथा आपूर्तिकर्ताओं से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।
आयोजन की थीम ‘डिस्कवर, क्रिएट, कनेक्ट - ग्रो’ उद्योग को नए उत्पाद खोजने, नवाचार अपनाने, कारोबारी संबंध बनाने और आगे बढ़ने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि बदलते फैशन, आरामदायक फुटवियर की मांग, संगठित रिटेल और ऑनलाइन कारोबार के विस्तार से उद्योग में नए अवसर बन रहे हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए गुणवत्ता, डिजाइन और आधुनिक उत्पादन तकनीक पर ध्यान देना आवश्यक है।
*भारत का उत्पादन लगभग 300 करोड़ जोड़ी, विश्व में दूसरा स्थान*
एफमेक कन्वीनर एवं डीसीएफएलआई के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि भारत की उत्पादन क्षमता और बड़ा घरेलू बाजार फुटवियर उद्योग की प्रमुख ताकत हैं। आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता के जरिए भारतीय उद्योग अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकता है। वर्ल्ड फुटवियर ईयरबुक 2026 में प्रकाशित वर्ष 2025 के आँकड़ों के अनुसार, दुनिया में लगभग 2,460 करोड़ जोड़ी फुटवियर का उत्पादन हुआ। भारत ने लगभग 300 करोड़ जोड़ी का उत्पादन किया और 12.2 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक बना रहा। भारत में फुटवियर की खपत लगभग 280 करोड़ जोड़ी रही, जिससे वह खपत के मामले में भी दुनिया में दूसरे स्थान पर रहा।
*वैश्विक बाजार के अनुरूप गुणवत्ता पर जोर*
एफमेक उपाध्यक्ष राजीव वासन ने कहा कि फुटवियर उद्योग में बेहतर उत्पाद के साथ समय पर आपूर्ति, लागत नियंत्रण और ग्राहक की जरूरतों की समझ भी महत्वपूर्ण है। फेयर में कारोबारी नई मशीनरी और उत्पादन समाधान देखकर अपनी इकाइयों के आधुनिकीकरण की दिशा तय कर सकेंगे। उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान के लिए गुणवत्ता, डिजाइन, टिकाऊपन और आराम पर लगातार काम करना जरूरी है। एफमेक महासचिव प्रदिप वासन ने बताया कि रविवार, 4 अक्टूबर को फेयर विजिट के साथ बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स के बीच संवाद तथा सम्मान समारोह आयोजित होगा। इससे खरीदारों की अपेक्षाओं, उत्पाद विकास और कारोबारी संभावनाओं पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
*डिजिटल माध्यमों के उपयोग को प्रोत्साहन*
आयोजन में डिजिटल माध्यमों के उपयोग और कागज के न्यूनतम इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाएगा। विजिटर्स एवं एग्ज़िबिटर्स से फीडबैक क्यूआर कोड के माध्यम से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया जाएगा। फेयर कमेटी की चेयरमैन माला खेड़ा ने बताया कि ‘मीट एट आगरा’ के 18वें संस्करण का उद्घाटन शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 प्रातः 11 बजे होगा। उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान में यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (राज्य परिवर्तन आयोग) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वरिष्ठ आईएएस मनोज कुमार सिंह करेंगे। इस दौरान एफमेक सचिव अनिरुद्ध तिवारी, एफमेक कोषाध्यक्ष चंद्र मोहन सचदेवा, ललिता अरोरा, सुनील मनचंदा, सीफी के प्रदेश महासचिव नकुल मनचंदा, जसविंदर सिंह खेड़ा आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।







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