google.com, pub-6037649116484233, DIRECT, f08c47fec0942fa0 सूक्ष्म-लघु व मध्यम उद्यमों को मिलेगा डिजिटल उपकरणों और आर्थिक सहायता का बड़ा लाभ

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सूक्ष्म-लघु व मध्यम उद्यमों को मिलेगा डिजिटल उपकरणों और आर्थिक सहायता का बड़ा लाभ

 सूक्ष्म-लघु व मध्यम उद्यमों को मिलेगा डिजिटल उपकरणों और आर्थिक सहायता का बड़ा लाभ



यूपीएसआईसी लि. की पहल; एमएसएमई को लेकर सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं उनके लाभों पर उद्यमियों संग संवाद


कानपुर,आगरा। उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय एवं उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से संचालित रैंप कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को कानपुर में होटल द प्रिस्टीन में एक एकीकृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें कानपुर मंडल के बड़ी संख्या में उद्यमियों ने हिस्सा लिया। उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के अपर निदेशक तथा उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रोहित आनंद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ हर जिले और हर छोटे क्षेत्र तक पहुंचना चाहिए। विभागीय जानकारियों के अत्यधिक बोझ को खत्म करने के लिए दो महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण बनाए गए हैं। पहला 'प्रोत्साहन गणक' (इंसेंटिव कैलकुलेटर), जो निवेश की जानकारी डालने पर खुद बताएगा कि किस विभाग की योजना से कितना लाभ मिलेगा। दूसरा उपकरण 'परियोजना रिपोर्ट निर्माता' है, जिससे मशीनरी और पूंजी की जानकारी डालने पर प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि 'औद्योगिक संपदा प्रबंधन प्रणाली' के जरिए अब खाली औद्योगिक भूखंडों को मानचित्र पर देखा जा सकेगा और सरकारी बाजार (जैम) के माध्यम से पारदर्शी नीलामी होगी।

*उद्यमियों के लिए छह महत्वपूर्ण सहमति पत्र और भारी छूट*

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उद्योग जगत को बढ़ावा देने के लिए हुए छह बड़े सहमति पत्रों (एमओयू) का आदान-प्रदान रहा:-

1-  उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड और पीएफआरडीए: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के श्रमिकों के लिए निरंतर पेंशन सुरक्षा हेतु।

2-  उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड और आईआईटी कानपुर: उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एवं मशीन लर्निंग की क्षमता निर्माण हेतु।

3-  उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड और आईआईएम लखनऊ: औद्योगिक इकाइयों के लिए व्यवसाय गतिवर्धन कार्यक्रम हेतु।

4-  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग और आईआईटी रुड़की: 'एक जिला एक उत्पाद' के लिए पर्यावरण- अनुकूल डिजाइन, पैकेजिंग व सामग्री नवाचार हेतु।

5-  उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड और सुगंध एवं स्वाद विकास केंद्र, कन्नौज के मध्य।

6-  उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड और केंद्रीय जूता प्रशिक्षण संस्थान, आगरा के मध्य।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। सरकार द्वारा आईआईएम लखनऊ के व्यावसायिक कार्यक्रम पर 70 प्रतिशत और आईआईटी कानपुर के 'व्यावसायिक नेतृत्व के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता नवाचार कार्यक्रम' पर 82 प्रतिशत की बड़ी पाठ्यक्रम शुल्क छूट दी जा रही है।

*तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने दी जानकारी*



कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने उद्यमियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इसमें सोनल सग्गी ने जेड प्रमाणन, सिडबी के अभिषेक आनंद ने वित्तीय योजनाओं, ईसीजीसी के शाहिद ने निर्यात प्रावधानों और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सुमित सक्सेना ने शेयर बाजार में छोटे उद्योगों की सूचीकरण पर प्रकाश डाला। वहीं, आईआईएम लखनऊ के क्षितिज अवस्थी और आईआईटी कानपुर के ए.के.आर. श्रीनिवासन ने व्यावसायिक कौशल व कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर सत्र लिए। इसके अलावा प्लेज योजना, उत्तर प्रदेश एमएसएमई-1 कनेक्ट पोर्टल और पर्यावरण, सामाजिक एवं सुशासन (ईएसजी) पद्धतियों पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता प्रभात बाजपेयी ने सहमति पत्र आदान-प्रदान समारोह को उद्यमियों के औद्योगिक विस्तार के लिए बेहद लाभप्रद बताया। कार्यक्रम के अंत में संयुक्त आयुक्त (कानपुर) द्वारा सभी अतिथियों और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया गया।



रैंम कार्यशाला को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रोहित आनंद

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