पीड़ित छात्र आकाश शर्मा को न्याय नहीं, निर्दोष छात्रों को मुकदमे में घसीटा
आगरा। पीड़ित छात्र आकाश शर्मा का कहना है कि उसके साथ घटित घटना की तत्काल लिखित सूचना संस्थान प्रशासन एवं चीफ प्रॉक्टर को दी गई थी,किंतु दुर्भाग्यवश आज तक न तो किसी जांच समिति का गठन किया गया और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
संस्थान प्रशासन की इस लगातार बनी हुई चुप्पी के चलते असामाजिक एवं बाहरी तत्वों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं,जिससे परिसर का वातावरण दिन-प्रतिदिन असुरक्षित होता जा रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव यह है कि अन्य छात्र, छात्राओं में भय और मानसिक दबाव के माहौल में जीवन यापन करने को विवश हैं।
पीड़ित छात्र आकाश शर्मा द्वारा थाना हरी पर्वत में तहरीर दिए जाने के पश्चात मुकदमा पंजीकृत हो चुका है, किंतु यह अत्यंत चिंताजनक तथ्य है कि घटना के दौरान केवल बीच-बचाव करने वाले निर्दोष छात्रों के नाम भी मुकदमे में दर्ज कर दिए गए हैं,जो कि पूर्णतः अनुचित,अन्यायपूर्ण एवं तथ्यहीन है।
पीड़ित पक्ष की प्रमुख मांगें—
संस्थान स्तर पर निष्पक्ष जांच समिति का तत्काल गठन किया जाए।
वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निर्दोष छात्रों के नाम मुकदमे से हटाए जाएं।
परिसर में छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इस संबंध में छात्र नेता कर्मवीर बघेल ने कहा कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्र समुदाय एवं अभिभावक वर्ग लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीकों से आंदोलन करने के लिए विवश होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संस्थान प्रशासन की होगी।


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