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रामकथा में मिला सत्य, प्रेम और करुणा का संदेश - राहत जहाँ ख़ानम*

रामकथा में मिला सत्य, प्रेम और करुणा का संदेश - राहत जहाँ ख़ानम*


 
"रामकथा करने आए थे, सर्वधर्म कथा करके चले गए" - राहत जहाँ ख़ानम*


*लेखिका राहत जहाँ ख़ानम ने मोरारी बापू की रामकथा को बताया सर्वधर्म सम्मान की कथा, पुस्तक लिखने की घोषणा की*

आगरा। प्रसिद्ध कथाकार मोरारी बापू की आगरा में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के समापन अवसर पर लेखिका एवं मनोविज्ञान शोधार्थी राहत जहाँ ख़ानम ने अपने अनुभव साझा किए।


राहत जहाँ ख़ानम ने कहा कि उनके लिए यह कथा केवल रामकथा नहीं, बल्कि सर्वधर्म सम्मान और मानवता की कथा रही। 


राहत ने कहा, *“रामकथा करने आए थे, सर्वधर्म कथा करके हिंदुस्तान को एक धागे में पिरोकर चले गए।”*


कथा के अनुभव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि कथा में भगवान राम के चरित्र के साथ-साथ कबीर और गुरु परंपरा की सुगंध भी महसूस हुई। उनके अनुसार, पूज्य मोरारी बापू की कथा का मूल सार *सत्य, प्रेम और करुणा* है।


अपने अनुभव को साझा करते हुए राहत जी ने कहा, *“अपनी आस्था को मानते हुए दूसरे की आस्था का सम्मान करना ही भारत की खूबसूरती है।”*


*पुस्तक की घोषणा:*


मोरारी बापू की इस रामकथा से प्रेरित होकर राहत जहाँ ख़ानम नौ दिनों की कथा की अनुभूतियों और सार पर आधारित एक पुस्तक लिख रही हैं। पुस्तक का शीर्षक *‘कथा एक, राहत अनेक’* रखा गया है। इस पुस्तक में कथा के दौरान महसूस किए गए भावों, आध्यात्मिक अनुभूतियों और सत्य, प्रेम व करुणा के संदेश को ग़ज़लों और साहित्यिक शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।


अंत में उन्होंने कहा, *“सारी कथाएं सुनिए, फिर चुनिए कि आपको किस पर विश्वास करना है। बापू की कथा में मुझे धर्म से अधिक सत्य, प्रेम और करुणा का संदेश मिला।”*

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