google.com, pub-6037649116484233, DIRECT, f08c47fec0942fa0 *डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों की विदाई : स्मृतियों, संस्कारों और सपनों के साथ नई उड़ान की शुरुआत*

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*डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों की विदाई : स्मृतियों, संस्कारों और सपनों के साथ नई उड़ान की शुरुआत*

 


आगरा। डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य, भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह विद्यार्थियों के विद्यालयी जीवन की यादों, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य की कामनाओं से ओत-प्रोत रहा। 'स्मृति, संस्कार और स्वप्न' के त्रिवेणी संगम के बीच आयोजित इस भव्य समारोह ने विद्यार्थियों को भावुक किया और भविष्य की चुनौतियों के लिए ऊर्जित भी। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि विदाई समारोह विद्यार्थियों के जीवन का एक अत्यंत आवश्यक और मार्गदर्शक पड़ाव होता है, जो उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। 



कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर ए. के. सिंह एवं प्रधानाचार्या राखी जैन द्वारा संयुक्त रूप से भगवान श्री गणेश जी के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। दीप की लौ जहाँ ज्ञान का प्रतीक बनी, वहीं कनिष्ठ छात्रों द्वारा वरिष्ठों का तिलक लगाकर किया गया स्वागत भारतीय 'गुरु-शिष्य' परंपरा की जीवंत मिसाल बना। 



विदाई समारोह के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा, व्यक्तित्व और प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न उपाधियाँ प्रदान की गईं। जिसमें मिस्टर फेयरवेल दर्शित राज सोनी को और मिस फेयरवेल जाहिला तमुल को चुना गया।



विद्यालय के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर ए. के. सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि विद्यालय जीवन किसी भी विद्यार्थी के व्यक्तित्व की नींव रखता है। यही वह स्थान है जहाँ से अनुशासन, परिश्रम, नैतिकता और देशभक्ति जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं बल्कि आगे बढ़ने का एक सोपान है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और पूरी लगन के साथ परीक्षा में सम्मिलित हों। उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, एनसीसी, नेतृत्व विकास एवं जीवन कौशल से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जहाँ भी जाएं, अपने विद्यालय के संस्कार, अनुशासन और मूल्यों को अपना परिचय बनाएं।



मुख्य छात्र अर्पित शर्मा ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली पाठशाला है। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व और सही–गलत का बोध सिखाया। उन्होंने समस्त शिक्षक–शिक्षिकाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम आज जो भी हैं, उसमें हमारे शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान है।


विद्यालय की मुख्य छात्रा तनीषा इसरानी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि विद्यालय ने उन्हें टीमवर्क, जिम्मेदारी और संघर्ष से सीख लेने का अवसर दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करें और कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित न हों।


विद्यालय की प्रधानाचार्या राखी जैन ने विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सफलता का मार्ग अनुशासन, निरंतर अभ्यास और गुरुजनों के मार्गदर्शन से होकर गुजरता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव विनम्र रहने और वरिष्ठजनों का सम्मान करने की प्रेरणा दी।


इस अवसर पर विद्यालय के डीन एडमिनिस्ट्रेटर चंद्रशेखर डैंग, योगी चाहर एवं सभी विभागों के विभागाध्यक्ष सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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