क्षेत्रीय उत्पादों को दिलायें वैश्विक पहचान, तभी विकसित भारत की संकल्पना होगी पूरी: योगेंद्र उपाध्याय
-सेंट जॉन्स कॉलेज में दो दिवसीय विकसित भारत @2047 राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न
आगरा। सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा के वाणिज्य संकाय व उच्च शिक्षा विभाग, उत्तरप्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे राष्ट्रीय सम्मेलन ‘विकसित भारत@ 2047’ का शनिवार को समापन समारोह आयोजित हुआ। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, पंजाब नेशनल बैंक के जोनल मैनेजर देवार्चन साहो, कॉलेज प्राचार्य प्रो. एस. पी. सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया। विद्यार्थियों ने सुमधुर भजन ‘तू प्रेम का सागर है, है दया सागर तू’ प्रस्तुत किया। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने वक्तव्य में कहा आज भारत दुनिया के तमाम विकासशील देशों को पछाड़ते हुए चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया, भारत सरकार 2047 तक देश को विकसित देशों की कतार में खड़ा करना चाहती है, यह तभी संभव है जब हम अपने क्षेत्रीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाएं और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करें। योगेंद्र उपाध्याय ने कॉलेज द्वारा ‘यूथ एंटरप्रेन्योर्स एक्सपो - 2026’ की भी प्रशंसा करते हुए इस प्रयास को नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप की दिशा में महत्वपूर्ण माना व तीन युवा उद्यमी को प्रदेश सरकार से मदद का आश्वासन दिया।
इन्होंने भी रखे विचार
पीएनबी के जोनल मैनेजर देवार्चन साहो ने कहा विकसित भारत जीडीपी नंबर मात्र नहीं है और ना ही इसका सम्बन्ध सिर्फ नगरीकरण से है बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की समृद्धि से जुड़ा है, आरबीआई की नीतियां भारत के सर्वसमावेशी विकास के लिए काम कर रही हैं। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एस.पी. सिंह ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए हमे जिम्मेदारी लेनी होगी, कदम बढ़ाने होंगे, अपनी क्षमता विकसित करनी होगी और सबको साथ लेना होगा लेकिन इस विकास में हमें पर्यावरण सुरक्षा के प्रति भी प्रतिबद्ध रहना होगा। यह विकास देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास के बिना अधूरा होगा। सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ रोहित सिन्हा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा “विकसित भारत @ 2047” विषय पर आयोजित तकनीकी सत्र में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। डॉ भीमराव आंबेडकर कॉलेज, दिल्ली तथा जेएनयू दिल्ली से जुड़े विशेषज्ञों ने शिक्षा, उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण, किसानों की स्थिति और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
इनकी रही मौजूदगी
समारोह में विशिष्ट अतिथि बतौर आईईएस नरेश कु. सिन्हा, प्रो. सी.एम. जैन पूर्व प्राचार्य वर्धमान कॉलेज, बिजनौर, डॉ. दलीप कुमार वरिष्ठ शोध अधिकारी, राष्ट्रीय अनुपयुक्त अनुसंधान परिषद, दिल्ली, प्रो. विष्णुमोहन दास, समाजकार्य विभाग, डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज, दिल्ली, जी. एस. राना, सीईओ सिंबोजिया एजुकेशनल ग्रुप, आगरा। समापन समारोह का संचालन डॉ. रचिता शर्मा ने तथा धन्यवाद डॉ. वात्सल्य उपाध्याय ने दिया।
सम्मेलन की आयोजन समिति में विश्वविद्यालय डीन ऑफ कॉमर्स डॉ ए. सी. गुप्ता, सम्मेलन सचिव डॉ. रचिता शर्मा, प्रो. संजीव शर्मा, डॉ राजू थॉमस, डॉ मैथ्यू भास्कर सिंह, डॉ मीनाक्षी चावला आदि रहे।



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