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उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

 उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन 


-विभाग द्वारा सैंपलिंग के नाम पर नहीं सहा जाएगा व्यापारियों का उत्पीड़न: नरेश पांडेय


आगरा। आगरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय की नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन अपर आयुक्त ग्रेड-2, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, आगरा को दिया गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अन्तर्गत की जा रही कार्यवाही से व्यापारियों को आ रही कठिनाईयों के निराकरण के लिये मांग की गई। नरेश पाण्डेय महानगर अध्यक्ष ने कहा है कि सभी प्रकार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में रजिस्ट्रेशन के लिए 12 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा तय की गई है, परन्तु 12 लाख रूपये की सीमा मंहगाई के हिसाब से बहुत कम है। अतः आपसे अनुरोध है कि 12 लाख टर्न ओवर के स्थान पर 40 लाख वार्षिक टर्न ओवर तक का काम करने वाले व्यापारियों की रजिस्ट्रेशन की सीमा में रखा जायें। सुरेश लवानिया ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में फूड एक्ट का लाइसेंस न पाए जाने पर सजा का प्राविधान खत्म किया जाये। अरूण गुप्ता ने कहा है कि वर्तमान समय में भारी मात्रा में खाद्य पदार्थों का व्यापार ऑनलाइन फूड चेन सप्लाई व मल्टी नेशनल कम्पनियों के द्वारा किया जा रहा है, परन्तु ऑनलाइन फूड सप्लाई के डिलीवरी करने वाले व्यक्तियों के पास फूड लाइसेंस नहीं है। अतः आपसे अनुरोध है कि सभी ऑनलाइन व फूड चेन सप्लाई डिलीवरी करने वाले व्यक्ति के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के अनुसार रजिस्टै्रशन व लाइसेंस बनवाये जाने के आदेश पारित किए जाएं।

कपूर चंद रावत प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा है कि प्रत्येक जिले में अनकों रजिस्ट्रेशन अधिकारी हैं, जिन्हें फील्ड का काम भी करना होता है। अतः आपसे अनुरोध है कि प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अर्थोरिटी नियुक्त करने की कृपा करें। रजिस्ट्रेशन अधिकारी को फील्ड का कार्य न दिया जाए। संजय गुप्ता चेयरमैन ने कहा है कि खाद्य पदार्थों की पैकिंग की आईटम में रिटेल का व्यापारी कोई मिलावट या कमी नहीं कर सकता है एवं का खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में दिये गये पैकिंग एण्ड लेवलिंग एक्ट के कानूनों को पूरा करने में रिटेल व थोक के व्यापारी का कोई योगदान नहीं है। पैकिंग कम्पनियों द्वारा तैयार कर भेजी जाती है, जिसमें रिटेल का व्यापारी कोई मिलावट या पैकिंग में कोई संशोधन नहीं कर सकता है। न्याय निर्धारण अधिकारी द्वारा कम्पनियों के साथ-साथ रिटेल व थोक के व्यापारियों को भी दण्डित किया जा रहा है। अतः आपसे अनुरोध है कि पैकिंग के सामान में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाने पर सिर्फ पैकिंग करने वाले फर्म या कम्पनी को ही दोषी माना जाए, होलसेलर व रिटेलर को दण्डित न किया जाये। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा मल्टी नेशनल कम्पनी व फूड सप्लाई चेन के डिलीवरी होने वाले सामानों की सैम्पलिंग नहीं की जा रही है। अतः आपसे अनुरोध है कि ऑनलाइन फूड सप्लाई चेन की सैम्पलिंग भी नियमानुसार की जाये, जिससे आम जनता को सही सामान मिलना सुनिश्चित हो सके। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से नरेश पाण्डेय (महानगर अध्यक्ष), सुरेश लवानिया (कोषाध्यक्ष), कपूर चंद रावत, संजय कुमार गुप्ता (चेयरमेन), जयदीप सोनकर, राजीव जैन, पंकज अग्रवाल, प्रवेन्द्र पंडित, जगमीत सिंह बोहरा, अनूप वर्मा, धमेन्द्र वर्मा, संकल्प शर्मा, कुतुबदीन मलिक, वीरेन्द्र सिंह (बन्टी), अवरार खान, सगीर खान, अवदेश शर्मा, अभिषेक जैन, मोहित 

जैन आदि पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।

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