“यहां बच्चा-बच्चा राम है” — विराट हिंदू सम्मेलन में गरजे महंत योगेश पुरी
हिंदू सम्मेलन क्यों ज़रूरी हैं?
सनातन चेतना का उद्घोष
अमोल दीक्षित पूछता है आगरा आगरा 9 फरवरी 2026। मनकामेश्वर मंदिर के पीठाधीश्वर महंत योगेश पुरी ने सैकड़ों की संख्या में उपस्थित जन समूह में कहा है कि यह वासुदेव कुटुंब का देश है यहां बच्चा-बच्चा राम है। योगेश पुरी जी रविवार को लोहामंडी स्थित मालवीय कुंज पार्क में सनातन उत्थान समिति द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदू कभी नहीं बटा एक रहा है और एक रहेगा। चंदन है इस देश की भूमि। तपोभूमि है हर गांव। हर बालिका है देवी की मूरत। यहा बच्चा-बच्चा राम है। आज भी हम चंद्रमा को चंदा मामा बोलते हैं क्योंकि यह सब हमारे पुराणों से जुड़ा हुआ है। माता लक्ष्मी और पिता विष्णु भगवान जैसे देवताओं ने हमारे हिंदू कुटुंब को बनाया है। महंत जी ने कहा कि हमें भी अपने बच्चों को ऐसे संस्कार देने हैं, जिससे वह सनातन धर्म की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहे। पहले हमारे पुरखे परिवार के एक बच्चे को धर्म की रक्षा के लिए भेज देते थे लेकिन आज हम भेज नहीं सकते हैं तो उन्हें धर्म की शिक्षा जरूर दे सकते हैं।
महंत योगेश पुरी ने कहा कि
माता लक्ष्मी और पिता विष्णु जैसे आदर्शों ने हमारे हिंदू कुटुंब की रचना की है।
उन्होंने कहा कि
आज आवश्यकता है कि हम अपने बच्चों को ऐसे संस्कार दें, जिससे वे सनातन धर्म की रक्षा के लिए सदैव तैयार रहें।
उन्होंने पूर्वजों का उदाहरण देते हुए कहा कि
पहले परिवार का एक बच्चा धर्म की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया जाता था।
आज यदि हम ऐसा नहीं कर सकते, तो कम से कम
धर्म की शिक्षा अवश्य दे सकते हैं।
संस्कार ही सनातन की ढाल हैं।
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भवेंद्र जी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यहां के सम्मेलन में माता बहनों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह हमारी ताकत है जो देश को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि माताओ ने हमें धर्म का पालन करना सिखाती है जिसे हम आगे बढ़ा रहे हैं।
नारी शक्ति: सनातन की असली ताकत
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केभवेंद्र जी ने कहा कि
इस सम्मेलन में माताओं-बहनों की सबसे अधिक उपस्थिति हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि
माताएं ही धर्म का पहला पाठ पढ़ाती हैं,
जिसे समाज आगे बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ही राष्ट्र को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है।
बबीता पाठक ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए
सनातन धर्म की मूल अवधारणाओं पर प्रकाश डाला।
हिंदू सम्मेलन क्यों ज़रूरी हैं?
बबीता पाठक ने महिलाओं का उत्साह वर्धन कर सनातन धर्म के बारे में जानकारी दी
सम्मेलन से पूर्व सिर की मंडी स्थित गोरख बागीची से सैकड़ों की संख्या में महिलाओं की भव्य कलश यात्रा बैंड बाजों के साथ निकाली गई ।
जो बलदेवगंज बाजार लोहामंडी चौराहा, आलमगंज रोड होती हुई मालवीय कुंज पार्क पहुंचकर समाप्त हुई। पीले वस्त्र धारण किए महिलाएं सिर पर कलश रखकर राम धुन पर भजन गाती चल रही थी। पूरे मार्ग में कलश यात्रा का स्थान स्थान पर पुष्प वर्षा से स्वागत हुआ कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।ओर गो पूजन हुआ
मंच पर रविन्द्र जैन.अमित बंसल ओर कृष्ण मुरारी रहे संचालन शिवम कुमार ने किया
सुनील जैन.अनुज बंसल राजेश कुमार.पार्षद शरद चौहान जीतूं जी ने संभाली

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